| Friday, 24 February 2012 12:28 |
इस तरह भाजपा की कर्नाटक इकाई में संकट अब और गहराता नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने 27 फरवरी तक अपनी पुनर्नियुक्ति किए जाने पर जोर दिया है और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने उनके उत्तराधिकारी सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने से इंकार कर दिया। जब उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटने को कहा गया था तब दो केंद्रीय नेताओं अरूण जेटली और एम वेंकैया नायडू को यह मुद्दा परस्पर सहमति से सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्तमान संकट का नतीजा क्या होगा, कहा नहीं जा सकता क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व येदियुरप्पा को बागडोर फिर से सौंपना नहीं चाहता। बहरहाल, भाजपा के प्रति निष्ठा रखने वाले लिंगायत समुदाय पर उनकी पकड़ और कर्नाटक में पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका ... ये दोनों तथ्य येदियुरप्पा के पक्ष में जा रहे हैं। येदियुरप्पा ने कभी अपने शत्रु समझे जाने वाले ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री जगदीश शेट्टार को अपना मित्र बना लिया है और यह बात भी पार्टी नेतृत्व की चिंता का कारण है। अपने आवास पर कल हुई एक बैठक में येदियुरप्पा ने अपने समर्थकों से खुद को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने का आह्वान किया। आगामी 27 फरवरी को 70 बरस के होने जा रहे येदियुरप्पा ने उस दिन अपने यहां आयोजित भोज समारोह में सभी समर्थक विधायकों को आमंत्रित किया है। |
घूस न लेने वाले दिनेश त्रिवेदी को तृणमूल का नोटिस
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बेंगलूर, 24 फरवरी (एजेंसी) नितिन गडकरी ने कहा कि कर्नाटक के सीएम पद से सदानंद गौड़ा को हटाने का प्रश्न ही नहीं उठता।
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