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Friday, July 13, 2012

एंटनी नंबर दो,लेकिन अर्थ व्यवस्था पर गृहमंत्री बयान दे रहे हैं, इसका क्या मतलब है? गार पर प्रणव का फैसला पलट गया!

 एंटनी नंबर दो,लेकिन अर्थ व्यवस्था पर गृहमंत्री बयान दे रहे हैं, इसका क्या मतलब है? गार पर प्रणव का फैसला पलट गया!

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

सत्ता समीकरण बदलने के साथ ही चिदंबरम हाशिये पर नजर आ हे हैं और  एंटनी केन्द्र सरकार में नंबर दो की हैसियत में की​ ​ हैसियत में आ गये हैं। इससे कारपोरेट इंडिया का समीकरण भी कुछ डगमगा गया है। पर प्रधानमंत्री ने विदेशी निवेशकों को पटाने की मुहिम जारी रखते हुए गार में संसोधन के लिए विशेषज्ञ समिति बना दी। कलमाड़ी को  लंदन ओलंपिक में भाग लेने की इजाजत से घोटालों का हश्र भी उजागर होने लगा है। घोटालों में फंसी सरकार आहिस्ते आहिस्ते जाल काटकर निकलने की कोशिश में है जबकि राष्ट्रपति चुनाव का पेंच अभी फंसा हुआ​ ​ है  और अपनी बढ़त खो देने के बाद चिदंबरम भी खूब हाथ पांव मारने में लगे हैं।प्रणब की सरकार से विदाई के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम की भूमिका बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। सूत्रों से खबर मिल रही है कि उन्हे वित्तमंत्री भी बनाया जा सकता है। अर्थव्यवस्था तो बेलगाम है ही।वायदा बाजार को और ाजादी दिलाने के लिे कानून पास करने की कोशिश एक बार फिर ममत दीदी के अवरोध में टाय टाय फिस्स हो ​​गयी जबकि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से नयी दिल्ली में राष्ट्रपति चुनाव से पहले आयोजित रात्रि भोज में शामिल होने से इंकार कर दिया है ।लोकसभा और राज्यसभा के लिए वैकल्पिक परिसर बनाने पर सुझाव देने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जा रहा है । केंद्र सरकार ने जनरल एंटी अवाइडेंस रूल्स [गार] के दिशानिर्देशों पर पूर्व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के फैसले को पलटते हुए नई कमेटी गठित कर दी है। अब आर्थिक थिंक टैंक इक्रीयर के प्रमुख और टैक्स एक्सपर्ट पार्थसारथी शोम की अध्यक्षता में गठित यह समिति गार के नए दिशानिर्देश तैयार करेगी। कमेटी से 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।पूर्व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस साल के बजट में गार लागू करने का ऐलान किया था। लेकिन बाद में विदेशी निवेशकों और उद्योग जगत के तीव्र विरोध के बाद इस पर अमल एक साल के लिए टाल दिया गया। पीएमओ के मुताबिक, गार पर अभी कई मुद्दों को लेकर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। इसी जरूरत को देखते हुए नई कमेटी का गठन किया गया है ताकि इन सभी मुद्दों को सुलझाया जा सके।

पिछले दो दिनों की गिरावट से उबरते हुए रुपये ने शुक्रवार को जोरदार रिकवरी की। व्यापार घाटा कम होने के बीच निर्यातकों द्वारा डॉलर की भारी बिकवाली से मुद्रा विनियम बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 79 पैसे मजबूत होकर 55.15 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये की तेजी पर घरेलू शेयर बाजारों में जारी उथलपुथल का असर नहीं दिखा। सेंसेक्स 110 अंक की शुरुआती तेजी खोकर 19 अंक नीचे बंद हुआ।प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 18.85 अंकों की गिरावट के साथ 17213.70 पर और निफ्टी 8.00 अंकों की गिरावट के साथ 5227.25 पर बंद हुआ।विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता की स्थिति जारी रहने से जून महीने में देश के निर्यात में 5.45 प्रतिशत की गिरावट आई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक निर्यात अब 25 अरब डॉलर रह गया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब निर्यात में गिरावट आई है। घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार में कमी का संकेत इस तथ्य से भी मिलता है कि जून में आयात में भी 13.6 फीसद की जोरदार गिरावट आई है और यह 35.37 अरब डॉलर का रह गया. जून, 2011 में आयात 40.8 अरब डालर का रहा था।नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ हुए करार के तहत सिंगापुर स्टॉक एक्सेंचज (एसजीएक्स) पर सोमवार से भारतीय सूचकांक एसऐंडपी सीएनएक्स निफ्टी का विकल्प (ऑप्शन) अनुबंध का कारोबार भी शुरू हो जाएगा। हालांकि सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज और शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में निफ्टी का वायदा अनुंबध का कारोबार पहले से हो रहा है लेकिन 16 जुलाई से पहली बार देश के बाहर किसी एक्सचेंज पर निफ्टी विकल्प के कारोबार की शुरुआत होगी।


प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के बाद केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद नंबर दो की हैसियत में कौन होगा, इसको लेकर सस्पेंस छंटता नजर आ रहा है। गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद तेजी से अफवाह फैली है कि रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी केन्द्र सरकार में नंबर दो की हैसियत में होंगे। इस अफवाह में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा तो आने वाले समय में ही पता चल पाएगा लेकिन पिछले हफ्ते हुई गलती को सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सुधार लिया।दरअसल पिछले हफ्ते की बैठक में कृषि मंत्री शरद पवार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बगल वाली सीट पर बैठे थे। इससे यह संदेश गया था कि प्रणब मुखर्जी के बाद सरकार में शरद पवार नंबर दो की स्थिति में आ गए हैं, क्योंकि उस सीट पर मुखर्जी ही बैठते थे। लेकिन गुरुवार को उस सीट पर एंटनी बैठे और उनके बाद पवार बैठे। इससे अब यह माना जा रहा है एंटनी को सरकार में प्रणब मुखर्जी के स्थान पर नंबर दो की हैसियत मिल गई है। हालांकि सरकार की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह राष्ट्रपति चुनाव के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद ही तय हो पाएगा। लेकिन अर्थ व्यवस्था पर गृहमंत्री बयान दे रहे हैं, इसका क्या मतलब है? गृहमंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे मुद्दों पर आने वाले दिनों में ध्यान देगी और देश उच्च वृद्धि दर की राह पर लौटेगा।उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुद्रास्फीति पर नियंत्रण तथा अर्थव्यवस्था को फिर से उच्च वृद्धि दर की राह पर लाने के लिए और कदम उठाएंगे।उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि (मुद्रास्फीति पर नियंत्रण तथा वृद्धि दर को गति देने के लिए) पहले कदम नहीं उठाये गए। पहले भी कदम उठाए गए थे। लेकिन हमने पाया कि कुछ और कदमों की जरूरत है और मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बचत व निवेश को बढावा देने तथा राजकोषीय व चालू खाता घाटे पर नियंत्रण जैसे मुद्दों को पहले ही चिन्हित कर चुके हैं। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि सरकार इन मुद्दों पर ध्यान दे रही है और एक बार हम इन मुद्दों को सुलझा लेंगे तो हम उंची वृद्धि दर की राह पर लौट आएंगे।

बहरहाल,केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि यह अच्छी बात है कि इस वर्ष अब तक कोई आतंकवादी घटना नहीं घटी है, लेकिन आतंकवादी खतरों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के खतरे से मुक्त नहीं हैं, हमें सतर्क रहना होगा। बहरहाल मुझे विश्वास है कि हम आतंकवाद पर काबू पा लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई समस्या उत्पन्न करना चाहता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।मंत्री ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद वापस लाने का प्रयास कर रहे समूहों और लोगों पर केंद्र सरकार नजर बनाए हुए है। पंजाब 1980 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक आतंकवाद के काले साए में रहा था।उन्होंने कहा कि पंजाब में 'आतंकवाद का खतरा' है। बहरहाल यह ऐसा नहीं है जैसा पहले था।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज यह स्पष्ट कर दिया कि जनरल ऐंटी अवॉयडेंस रूल्स (गार) को नए सिरे से लिखा जाएगा और सरकार इसके कारण निवेशकों के मनोबल पर पड़े नकारात्मक प्रभावों को हटाना चाहती है। दरअसल चालू वित्त वर्ष के लिए 16 मार्च को पेश किए गए बजट में प्रस्तावित इन प्रावधानों पर काफी विवाद हुआ है।
गार के दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने के लिए इक्रियर प्रमुख और 2004 से 2008 के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सलाहकार रहे पार्थसारथि शोम की अगुआई में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। शोम गार से जुड़े सभी पक्षों के साथ गहन विचार-विमर्श करने के बाद गार के दिशानिर्देशों का मसौदा बनाएंगे और इसके कार्यान्वयन के लिए खाका तैयार कर  30 सितंबर तक सरकार को सौंपेंगे। प्रसिद्घ कर विशेषज्ञ शोम की अगुआई वाली इस समिति अन्य सदस्यों में बीमा नियामक आईआरडीए के पूर्व चेयरमैन एन रंगाचारी, एनआईपीएफपी के प्रोफेसर अजय शाह और राजस्व विभाग के कर नीति एवं विधायिका (टीपीएल) के संयुक्त सचिव सुनील गुप्ता शामिल हैं।प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, 'ये कदम अपने आप में काफी अच्छी पहल हैं लेकिन इस बारे में व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत महसूस की गई। गार से जुड़े कई मसलों पर ज्यादा स्पष्टता की दरकार है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो इस विचार-विमर्श की प्रक्रिया में पारदर्शिता और ऊंचे स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता साथ लाएगी।'

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा कि गार लाने की असली मंशा विदेशी निवेशकों का संदेह हटाना था और अंतिम दिशानिर्देश यह सुनिश्चित करेंगे। शोम, जनवरी 2008 से जनवरी 2011 के दौरान ब्रिटेन में राजस्व एवं सीमा शुल्क विभाग के मुख्य अर्थशास्त्री भी रहे हैं। इसके अलावा समिति में शामिल केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रंगाचारी, बीमा नियामक आईआरडीए के पहले चेयरमैन थे।वित्त मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ही कर चोरी रोकने के मकसद से गार से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए थे। उसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने यह कहकर उन दिशानिर्देशों से किनारा कर लिया था कि यह उनकी जानकारी में नहीं हुआ है। अब शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने गार पर सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने और नए दिशानिर्देश तैयार करने के लिए नई कमेटी गठित कर दी है।  

27 जून को वित्त मंत्रालय के सचिवों के साथ हुई प्रधानमंत्री की बैठक के बाद गार के प्रावधानों को इंटरनेट पर डाल दिया गया था।

विशेषज्ञ समिति जुलाई के अंत तक इस मसले से जुड़े सभी पक्षों से गार दिशानिर्देशों के दूसरे मसौदे पर व्यापक सलाह करेगी और गार दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देगी। इसके बाद समिति गार निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए खाका तैयार कर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए बयान में कहा कि गार को एक साल यानी 2013 तक टालना अच्छा कदम है। गार प्रावधानों पर चर्चा करने के लिए व्यापक विचार-विमर्श की प्रक्रिया बेहद जरूरी थी, जिससे लोग गार के परिचालन के  तरीके से वाकिफ हो सकें। बयान में यह भी कहा गया है कि गार दिशानिर्देशों का पहले मसौदा को अंतिम रूप देने से पहले राजस्व विभाग ने सभी पक्षों से इस बारे में कुछ सलाह-मशविरा किया था। हालांकि प्रधानमंत्री की पहल पर विभाग ने दिशानिर्देशों के मसौदे को इंटरनेट पर डाल दिया था। बयान में कहा गया कि  कई लोगों ने इस अच्छी पहल बताया क्योंकि इससे गार के प्रस्तावित प्रावधानों से जुड़ी आशंकाओं को कम करने में मदद मिली।

इसी बीच असम के मुख्य शहर गुवाहाटी में एक व्यस्त सड़क पर 11 लोगों द्वारा एक किशोरी को निर्वस्त्र कर उससे छेड़छाड़ किए जाने की घटना के चार दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना की एक वीडियो क्लिप टेलीविजन पर दिखाए जाने के बाद देशभर के लोगों ने इस घटना की निंदा की और पुलिस की सुस्ती को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। किशोरी चिल्लाती रही, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। उस रास्ते से गुजर रहे एक वरिष्ठ पत्रकार मुकुल कालिता ने उन वहशी लोगों को रोका और मौके पर पहुंची पुलिस की मदद से किशोरी को बचाया।किसी ने इस घटना की वीडियो क्लिप तैयार की और इंटरनेट पर डाल दिया। इस क्लिप को मंगलवार सुबह सभी स्थानीय समाचार चैनलों ने दिखाया जिससे लोगों में गुस्सा और दहशत फैल गया। बाद में इस वीडियो क्लिप को अन्य प्रमुख समाचार चैनलों ने भी दिखाया जिस पर देशभर से व्यापक प्रतिक्रयाएं सामने आईं।गुवाहाटी में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर भर में होर्डिग लगाकर उन पर 11 आरोपियों की तस्वीरें लगाईं और लोगों से कहा कि वे पुलिस को जानकारी दें कि ये आरोपी कहां छिपे हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने महिलाओं तथा बच्चों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से पूछेंगे कि राज्य की राजधानी गुवाहाटी में एक किशोरी के साथ हुई छेड़छाड़ तथा उसके कपड़े फाड़ने की घटना में वह क्या कार्रवाई करने वाले हैं?वहीं, मुख्यमंत्री गोगोई ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि गुवाहाटी तथा राज्य के अन्य स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाले ऐसे अपराधों से निपटने के लिए अलग कार्य बल गठित किया जाएगा।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में घटकर नौ साल के निचले स्तर 6.5 प्रतिशत पर आ गई जबकि पूर्व दो साल में यह आठ प्रतिशत से अधिक रही थी। इसी समय कुल मुद्रास्फीति बढ़कर 7.55 प्रतिशत जबकि खुदरा मुद्रास्फीति मई में 10.63 प्रतिशत हो गई। चिंदबरम ने कहा कि उंची वृद्धि दर की राह पर लौटना वाकपटुता या राजनीति का मामला नहीं है। हमें मुद्दों को सुलझाना होगा। नये वित्तमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं 22 मई 2004 को वित्तमंत्री बना और 30 नवंबर 2008 तक इस पद पर रहा। मैं भविष्य में नहीं देख सकता। मैं ज्योतिषी नहीं हूं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वित्तमंत्री के रूप में प्रणब मुखर्जी सक्षम नहीं थे क्योंकि सरकार मौजूदा संकट से निपटने के लिए अब कदम उठाने की बात कर रही है, चिंदबरम ने कहा कि जब मुखर्जी वित्तमंत्री थी उन्होंने भी बचत, निवेश तथा मौजूदा चालू घाटे के मुद्दों पर कई कदम उठाए। उन्होंने कहा, उदाहरण के रूप में पिछला साल वृद्धि के लिए बुरा था, लेकिन इस के बाद भी हमें 46 अरब डालर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल किया।

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