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Friday, May 11, 2012

कहने की बात नहीं है कि कांग्रेस ने अंबेडकर और अछूतों के साथ अब तक क्या किया है। कार्टून तो बाकायदा एक सबूत था , जिसे मिटाकर कांग्रेस ने​ ​ अपने को साफ बचा लिया है!

कहने की बात नहीं है कि कांग्रेस ने अंबेडकर और  अछूतों के  साथ अब तक क्या किया है। कार्टून तो बाकायदा एक सबूत था , जिसे मिटाकर कांग्रेस ने​ ​ अपने को साफ बचा लिया है!

मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

अंबेडकर का विवादास्पद कार्टून एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक  से हटाने का केंद्र ने आदेश जारी करके अपने चुनावी समीकरण दुरुस्त​ ​ किये हैं। इस मामले में पहले से महाराष्ट्र में आंदोलन जारी है पर कपिल सिबल के कानों में जूं नहीं रेंगी, लेकिन संसद में जब इस मामले​​ के जरिये तमाम दलों को अंबेडकर और उनके अनुयायियों को आंदोलित करने का प्रयास दिखा तो तुरत फुरत सिबल ने माफी मांग ली और कार्टून हटाने का निर्देश दे दिया। अंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को बेशक भारी जीत हासिल हो गयी, लेकिन भारतीय संविधान की जो रोजाना हत्या हो रही है और संसदयी गणतंत्र को जैसे बाजार लील रहा है, उसका क्या?लोकसभा और राज्यसभा में दलित सांसदों ने हंगामा किया।र बसपा सहित विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ऐसी कार्टून वाली सभी किताबों के वितरण को रोक देने का निर्देश दिया गया है तथा दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पुनिया ने कपिल सिब्बल से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कपिल सिब्बल के व्यवहार पर असंतोष जताते हुए कहा कि दो दिन पहले कांग्रेस सांसदों ने कपिल सिब्बल से मिलकर इस कार्टून के बारे में शिकायत की थी, और कार्रवाई की मांग की थी। पूनिया ने कहा कि कपिल सिब्बल किसी की नहीं सुनते।सभी नेताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इसे अम्बेडकर का अपमान बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बार फिर राजनीतिक धमाका करते हुए कहा है कि देश में आम चुनाव समय से पहले होंगे। बकौल ममता उनके पास यह सूचना है कि देश में अगला लोकसभा चुनाव 2014 के बदले 2013 में ही करवा लिए जाएंगे।

इस बीच अर्थ व्यवस्था के हालात कांग्रेस के काबू से बाहर हैं। देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 127.07 अंकों की गिरावट के साथ 16292.98 पर जबकि निफ्टी 36.80 अंकों की गिरावट के साथ 4928.90 पर बंद हुआ। शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 64.46 अंकों की गिरावट के साथ 16355.59 पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स ने 16447.24 के उच्चतम स्तर एवं 16233.76 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से नौ शेयरों में तेजी रही।औद्योगिक विकास के नए आंकड़ों ने देश में मंदी के संकेत दिए हैं। नए आंकड़े बताते हैं कि इस साल मार्च में औद्योगिक उत्पादन दर में 3.5 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि पिछले साल मार्च में ये 9.4 प्रतिशत था। आंकड़ों पर निराशा जाहिर करते हुए वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि अमेरिका और यूरोप में कमजोर होती अर्थव्यवस्था और निवेश में कमी के असर से ऐसा हुआ है। उद्योग की रफ्तार धीमी होने की आशंका पुख्ता हो चली है। मार्च में औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े उम्मीद से भी कमजोर रहे हैं। मार्च में आईआईपी -3.5 फीसदी रही, जबकि फरवरी में 4.1 फीसदी रही थी।मार्च में मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और कैपिटल गुड्स सेक्टर की ग्रोथ निगेटिव रही है। सबसे बुरा हाल कैपिटल गुड्स सेक्टर का रहा, सेक्टर की ग्रोथ 10.6 फीसदी से घटकर -21 फीसदी रह गई है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 4 फीसदी से घटकर -4.4 फीसदी रही। वहीं, माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 2.1 फीसदी से घटकर -1.3 परसेंट रही।आईआईपी आंकड़ों में गिरावट का दौर पिछले कई महीनों में देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2011-12 में औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी 8.25 फीसदी से घटकर सिर्फ 2.75 फीसदी रह गई है।

​केंद्र के तुरंत कदम उठाने का राज भी खुलने लगा है। ममता दीदी ने लोकसभा चुनाव २०१३ में होने की भविष्यवाणी करके सनसनी फैला ​​दी है, पर उनका यह कयास हवाई नहीं है। याद करें कि नागपुर में नितिन गडकरी की गुप्त बैठक हुई थी मुकेश अंबानी के साथ और अमेरिका में नरेंद्र मोदी एवम् ममताबनर्जी अब अमेरिकी आइडल बन चुके है। क्षत्रपों को साधने की वैश्वक पूंजी की कवायद कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है।​​ बाजार विकल्प तलाश रहा है और कोलकाता में ममता से मिलकर , फिर अमेरिका लौटकर ममता का बखान करते हुए हिलेरिया ने साफ जता दिया है कि अपने हितों की हिफाजत के लिए वे क्षत्रपों को आगे बढ़ाने से बाज नहीं आयेंगे। कोलकाता की अपनी यात्रा को अहम करार देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि महिला होने के बावजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सफलतापूर्वक राज्य में वाममोर्चा के 34 वर्षों के शासन को समाप्त किया। गौरतलब है कि हिलेरी सात मई से तीन दिनों की भारत यात्रा पर आई थीं और पहली बार किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने रायटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। अमेरिका और बाजार दोनों सुधार कार्यक्रम पर जोर देते​ ​ हुए सत्ता परिवर्तन के सारे विकल्प खोले हुए हैं। ऐसे में अंबेडकर के वोट बैंक से हाथ धोना कांग्रेस के लिए खतरनाक होता। यह कोई कहने की बात नहीं है कि कांग्रेस ने अंबेडकर और अछूतों के  साथ अब तक क्या किया है। कार्टून तो बाकायदा एक सबूत था , जिसे मिटाकर कांग्रेस ने​ ​ अपने को साफ बचा लिया है।अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने पेंटागन में कहा, 'जैसा कि मैं बार-बार कह चुका हूं कि हम अल कायदा आतंकियों का पीछा करेंगे चाहे वे कहीं भी छिपे हों या कहीं भी छिपने की कोशिश करें। इनमें से एक स्थान जहां वे स्पष्ट तौर पर स्थित हैं, यमन है।'उन्होंने हाल में यमन में बैठे आतंकियों की ओर से मिली चुनौतियों के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा कि सेना और खुफिया समुदाय दोनों ने अलकायदा का पीछा किया है और यह जारी रखा जाएगा।
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​संप्रग के महत्वपूर्ण घटक तृणमूल कांग्रेस ने भीमराव अंबेडकर पर एनसीईटारटी की किताब में कार्टून छपने के मुद्दे को अपराध और शर्मनाक बताया। पार्टी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की है। तृणमूल नेता और पर्यटन राज्य मंत्री सुल्तान अहमद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, '' यह बहुत शर्मनाम मामला है। यह अपराध है।जिसने भी इसे प्रकाशित किया हो ..... यह न सिर्फ सरकार बल्कि समूचे देश की छवि को धूमिल करता है। ''उन्होंने कहा कि समाज में पहले ही असमानता है और यदि इस तरह की चीजें प्रकाश में आयीं तो देश को सामाजिक और धार्मिक आधार पर बांटने वाली ताकतें मजबूत होंगी। अहमद ने कहा कि सरकार को प्रकाशक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कडी कार्रवाई करनी चाहिए।टीवी खबरों के मुताबिक तृणमूल कार्यकर्ताओं की एक बैठक के बाद ममता ने हालांकि कहा कि उनकी सूचना गलत भी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ देश में आम चुनाव समय से पहले होंगे। ममता के मुताबिक उनके पास यह सूचना है कि एक पार्टी ने दिल्ली में बैठक बुलाकर इस बात का फैसला किया कि अगला आम चुनाव अगले साल ही करवा लेने का फैसला कर लिया है। ममता न तो पार्टी का नाम बताया और न ही और कोई ब्योरा दिया, मगर कहा, उनकी सूचना ठोस है। इसके बाद उन्होंने कहा कि ' जब भी चुनाव हो, उनकी पार्टी उसके लिए पूरी तरह तैयार है। '

भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव अंबेडकर का विवादास्पद कार्टून एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक में प्रकाशित होने के मुद्दे पर आज संसद में जमकर हंगामा हुआ। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल का माफी मांगना और यह दलील भी किसी काम न आई कि इस कार्टून को पुस्तक से हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। भारी हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई।एनसीईआरटी द्वारा 11वीं कक्षा के लिए प्रकाशित राजनीति शास्त्र में पाठ्यपुस्तक में प्रकाशित इस कार्टून का मुद्दा लोकसभा में कांग्रेस सदस्य एवं अनुसचित जाति जनजाति समिति के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने उठाया। उन्होंने कहा कि इस कार्टून का प्रकाशन सिब्बल की बड़ी भूल है।उधर बसपा सुप्रीमो मायावती ने धमकी दी कि इस पुस्तक के प्रकाशन में शामिल लोगों के खिलाफ यदि सरकार दो से तीन दिन में कड़ी कार्रवाई नहीं करती तो संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी।

लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान ने भी इस घटना की कडी निन्दा करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न सिर्फ निलंबित किया जाए बल्कि उनके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

लोकसभा में आज सुबह कार्यवाही शुरू होने पर वीकेसी पार्टी के थिरूमा वलवन थोल ने एनसीईआरटी की पुस्तक में प्रकाशित अम्बेडकर से जुड़े कथित कार्टून का मुद्दा उठाया। वह अपने हाथों में तख्ती और आईपॉड पर इससे संबंधित सामग्री का प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस समेत सभी राजनीति दलों के सदस्यों ने इस प्रकाशन पर आपत्ति व्यक्त की।   अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है और वह सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहेंगी।

इसके बाद, सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने कहा कि वह पूरे सदन की भावना को समझते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर मानव संसाधन विकास मंत्री से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहेंगे। लेकिन सदस्यों का हंगामा थमा नहीं और सदन की बैठक मध्याहन 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।   निचले सदन में अध्यक्ष की कोशिशों और सरकार की दलीलों के बावजूद हंगामा चलता रहा, जिससे कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पडी।

राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बसपा के ब्रजेश पाठक ने कहा कि अंबेडकर का अपमान किया गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा, जदयू, राजद, वाम सदस्यों ने पाठ का समर्थन किया। उच्च सदन की बैठक हंगामे और नारेबाजी के कारण दो बार स्थगित करनी पड़ी।

हंगामे के बीच सिब्बल की यह दलील सदस्यों को शांत करने में विफल रही कि इस विवादास्पद कार्टून को पहले ही पाठ्य पुस्तक से हटाए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एनसीईआरटी को चालू शैक्षिक सत्र से इस किताब का वितरण बंद करने को कहा गया है और अगले शैक्षिक सत्र से यह सामग्री पूरी तरह हटा ली जाएगी।   सिब्बल ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इसे वोट बैंक राजनीति के लिए मुद्दा न बनाएं।

उन्होंने कहा, 'मैं व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगना चाहता हूं हालांकि 2006 में उस समय मैं मानव संसाधन विकास मंत्री नहीं था। मैं इन पुस्तकों के प्रकाशन में शामिल नहीं था। '  सिब्बल ने कहा कि इसका सवाल ही नहीं उठता कि कोई अंबेदकर को बदनाम करने या उनका मजाक बनाने की कोशिश करे क्योंकि मेरा मानना है कि ऐसा करना देश के धर्म निरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ होगा। '

सेंटर फार द स्टडीज आफ डेवलङ्क्षपग सोसायटी(सीएसडीएस) के राष्ट्रीय फैलो और पूणे विश्वविद्यालय के राजनीति शाी सुहास पलीसकर ने एनसीईआरटी की निदेशक को लिखे पत्र में अपने इस्तीफे की घोषणा की।

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