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Thursday, August 22, 2013

उल्टाडांगा में सलप पुल का नजारा

उल्टाडांगा में सलप पुल का नजारा


एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​


उल्टाडांगा में उड़नपुल टूटे हुए करीब छह महीने बीतने को है। इस पुल का नाजारा बहुप्रचारित प्रेतनगरी कोलकाता वेस्ट इंटरनेशनल सिटी सलप में राष्ट्रीयराजमार्ग नंबर दो पर बरसो पहले टूटे सलप पुल का जैसा है। इस बीच विधाननगर को नगर निगम बना देने की गोषणा भी हो गयी है। राज्यसरकार अभी इस बात की तफतीश में लगी है कि इस दुर्घटना की जिम्मेदारी किसकी है। लेकिन पुल को नये सिरे से बनाने की कोई पहल नहीं हो रही है। सलप में भी बरसों से पुल को बनाने का ख्याल ही नहीं आया किसी को।


नक्शे में गलती की वजह से ही उल्टाडांगा उड़नपुल टूट गया, यह पानी की तरह साफ है। लेकिन संबद्ध लोगों के खिलाफ कार्रावाई शुरु ही नहीं हुई है।बताया जा रहा है कि ठेकेदार संस्था के जिस इंजीनियर ने यह नक्शा बनाया, उनका देहांत हो गया। इसलिए किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। यह दलील मानी जा सकती है कि किसी भी कार्वाई के लिे कानूनी प्रक्रिया होती है। लेकिन यह समझ में नहीं ा रहा है कि इस वजह से टूटे हुए पुल को जोड़कर उसे फिर यातायात के लिए खोलने में क्या दिक्कतें ा रही हैं।


वैसे लोकनिर्माण विभाग के सूत्रों के मुताबिक निर्माण संस्था अब पुल की मरम्मत के लिए जितनी रकम लगनी चाहिए,उसकी दोगुणी राशि की मांग कर रही है और इसीलिए मरम्मत का काम शुरु ही नहीं हो पा रहा है।किसी दूसरी संस्था से काम कराने और पुल को आखिरकार फिर चालू करने के विकल्प पर सोचा ही नहीं गया है।


लगता है कि नगर निगम बनने के बाद भी उल्टाडांगा और साल्टलेक और उसके साथ लेक टाउन इसीतरह उपेक्षित ही रहेंगे।


विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट बनने से विधाननगर नगर निगम इसलाके के तमाम वाशिंदों को अपनी सुरक्षा का भरोसा हो चला था। लेकिन आपराधिक वारदातों में कोई कमी नहीं आयी है।साल्टलेक में ज्यादादर सीनियर नागरिक एकांत में रहते हैं औरउनके बच्चे नौकरी के लिए देश विदेश में। उनकी सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम अभी नहीं हो पाया है।इस इलाके में चोरी ,राहजनी और डकैती की वारदातें आम हैं।


इसके अलावा साल्टलेक समेत पूरे प्रस्तावित विधाननगर नगर निगम इलाके में यातायात एक करुणामयी बस टर्मिनस के भरोसे है।वहां आधुनिक बस टर्मिनस बनाये जाने की परियोजना खटाई में है। उल्टाडांगा उड़नपुल का हाल देखते हुए लोगों ने नये बस टर्मिनस की उम्मीद भी छोड़ दी है।कोलकाता के आईटी हब सेक्टर फाइव में तो कोई बस टर्मिनस ही नहीं है।हालांकि परिवहन मंत्री मदन मित्र जल्दी अत्याधुनिक बस टर्मिनस के वायदे पर कायम है। लेकिन उड़नपुल के मुद्दे पर वे खामोश हैं।


दरअसल जैसे सलप पुल हावड़ा के वाशिंदों की बदहाली का पर्याय बन गया है, वही हश्र अब उल्टाडांगा उड़नपुल का होने लगा है।हावड़ा के राजधानी बन जाने से हो सकता है कि सलप पुल की किस्मत का भी कायाकल्प हो जाये, लेकिन फिलहाल उल्टाडांगा के वाशिंदों के लिए उम्मीद की किरणें गुमशुदा हैं।


मालूम हो कि पिछले तीन मार्च को ईएम बाईपास और वीआईपी रोड के संयोगस्थल पर यह उड़नपुल केश्टोपुर खाल के ऊपर स्टील गार्डर टूटने से टूट गया। विशेषज्ञों के मुताबिक पिलर के साथ गार्डर को जोड़ने वाले बियरिंग के टूट जाने से ही यह हादसा हो गया। हादसे की वजह से गार्डर के साथ एक ट्रक भी खाल में गिर गया।इस दुर्घटना में तीन लोग जख्मी भी हुए।अमूमन भीड़भाड़ और व्यस्त ट्राफिक वाले इस इलाके में भोर रात के वक्त वीरानगी रहने के कारण बड़ा हादसा टल गया।


गौरतलब है कि उद्घाटन के छह महीने के भीतर ही यह उड़नपुल टूट गया। तब पालिका उन्नयन मंत्री फिरहाद हकीम ने इसके लिए दोषियों को सजा दिलाने की घोषमा की थी। जाहिर है कि ऐसा हो नहीं पाया।स्थानीय वाशिंदों कोअब इस उड़नपुल की मरम्मत की बेसब्री से इंतजार है।



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