फेसबुक पर या उसके बाहर जितने भी लोग इस वक्त जिंदा हैं उनके जीवन में पहली और अंतिम बार यह मौका आया है, करतार सिंह सराभा की फांसी को इस साल पूरे सौ साल हो गए. भारत खासकर उत्तर भारत से अभी तक मैंने ऐसा कोई समाचार अथवा पोस्ट नहीं देखी जिससे पता चले कि सराभा को किसी ने याद किया है ?
बारहाल हम लोगो ने पिछले इतवार को ब्राम्पटन में एक भव्य समारोह का आयोजन किया था जिसकी रपट यहाँ पढी जा सकती है :
घूस न लेने वाले दिनेश त्रिवेदी को तृणमूल का नोटिस
10 years ago
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