| Wednesday, 28 March 2012 18:46 |
पुलिस ने आरएमएल अस्पताल के द्वार पर और अस्पताल परिसर के अंदर सुरक्षा बढ़ा दी है। अस्पताल में तैनात एक पुलिसकर्मी ने बताया, ''वे कहीं भी प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं, इसलिए हमें अस्पताल और उसके इर्दगिर्द सतर्क रहने को कहा गया है।'' खबर लिखे जाने तक येशी का शव अस्पताल में ही था। अस्पताल के बाहर येशी के शव को लेने आये एक तिब्बती ने कहा, ''हमारे कई साथी तिब्बती जंतर मंतर पर येशी के लिए दुआ करने को लेकर एकत्र हुए थे लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मैं वहां से भाग गया और यहां आ गया।'' येशी 2006 में भारत आया था। वह पिछले दो साल से यहां मजनू का टीला के पुराने शिविर में रह रहा था। वह अपने पांच भाई बहन में सबसे छोटा था।
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My father Pulin Babu lived and died for Indigenous Aboriginal Black Untouchables. His Life and Time Covered Great Indian Holocaust of Partition and the Plight of Refugees in India. Which Continues as continues the Manusmriti Apartheid Rule in the Divided bleeding Geopolitics. Whatever I stumbled to know about this span, I present you. many things are UNKNOWN to me. Pl contribute. Palash Biswas
Wednesday, March 28, 2012
जिंदगी...मौत से दो दिन तक जूझने के बाद तिब्बती कार्यकर्ता की मौत
जिंदगी...मौत से दो दिन तक जूझने के बाद तिब्बती कार्यकर्ता की मौत
नयी दिल्ली, 28 मार्च (एजेंसी) चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ की भारत यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान खुद को आग के हवाले करने वाले एक युवा तिब्बती कार्यकर्ता की आज सुबह यहां के एक अस्पताल में मौत हो गयी।
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