| Monday, 23 April 2012 14:02 |
इटानगर, 23 अप्रैल (एजेंसी) असम में निवास कर रहे करीब 50,000 सिख अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि न तो असम सरकार और न ही पंजाब सरकार उन्हें पूरी तरह से स्वीकार करती है। उन्होंने बताया, कि यह अंधेरे में कंकड फेंकने जैसा था, क्योंकि यहां से गये 166 सिखों को अपने मूल निवास स्थान अथवा गांव के बारे में कछ पता नहीं है। उन्होंने कहा, '' तब से अब तक पंजाब में भी बहुत परिवर्तन हो चुका है। यह बहुत दिलचस्प यात्रा थी क्योंकि हममे से कोई भी सिख देश के बाकी सिखों की तरह पंजाबी में बात नहीं कर सकता था और न ही पंजाबी समझ सकता था। |
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