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Wednesday, April 11, 2012

पहली प्राथमिकता अब बंधुआ मुसहर मजदूरों को रिहा कराने की!

पहली प्राथमिकता अब बंधुआ मुसहर मजदूरों को रिहा कराने की!

मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

मानवाधिकार जन निगरानी समिति ( PVCHR )  लंबे समय से मुसहरों और बुनकरों की लड़ाई बड़ी वारता से लड़ रही है। डा. लेनिन रघुवंशी और पीनीसीआर के उनके साथियों ने इधर देशभर में गूम घूमकर नवदलित आंदोलन भी चलाने लगे है। अभी इस आंदोलन की अवधारणा हमें मालूम नहीं है। फहले से चालू दलित  आंदोलन  के बदले नवदलित  आंदोलन क्यों, इसे उन्हें अभी बताना है। आखिर इस नये अादोलन का एजंडा क्या है।डा. लेनिन इस बारे में तेजी से काम भी कर रहे हैं। वे बीच में अस्वस्थ भी रहे और उन्हें अस्पताल भी जाना पड़ा।​
​​
​लेकिन नवदलित आंदोलन के पंख विस्तार करने से पहले डा. लेनिन और मानवाधिकार जन निगरानी समिति ( PVCHR )  को एकबार पिर जमीनी हकीकत से मुखातिब होना पड़ रहा है। मुसहर फिर मुसीबत में हैं और डा. लेनिन की पहली प्राथमिकता अब नवदतित ​आंदोलन के बजाय बंधुआ मुसहर मजदूरों को रिहा कराने की हो गयी है। इस सिलसिले में उनहोंने उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपील भी की है। पर सरकार अगर सजग होती तो क्या यह सिलसिला चल पाता । मुसहरों की मुश्किलें दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। हम इस सिलसिले में डा लेनिन और पीवीसीआर के साथ हैं और चाहते हैं कि मुख्यमंत्री जल्द से जल्द कार्रवाई करें।

अपील इस प्रकार हैः

मानवाधिकार जन निगरानी समिति ( PVCHR ) कार्यालय मे मदद के लिए आये परिजनो से जानकारी मिली की ईंट भट्ठा मालिक और पुलिस कर्मी द्वारा गायब किये गये युवक मुसहर मजदूर ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश को जबरदस्ती उठा लिया गया, जिसकी सूचना अभी तक प्राप्त नही हुयी है की युवक को कहा रखा गया है !

प्रकरण विस्तार :

07 अप्रैल, 2012 को लगभग दोपहर के समय ईट भट्ठा मालिक अरविन्द यादव व पप्पू यादव, एस. बी. एफ. मार्का ईट, स्थान - पहाडपुर – मुडिहार, थाना – सैदपुर, जिला - गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) और पुलिस चौकी - जमालापुर के पुलिस कर्मियो द्वारा मुसहर युवक टिंकू, पुत्र - पौहारी मुसहर को स्थान – फजुलहा, थाना – रामपुर, जिला - जौंनपुर से जबरदस्ती उठा ले गये, लगभग 4 बजे के आस पास समिति के कार्यकर्ता को पीडित परिजन ने मोबाईल पर इसकी सूचना दिये.

कार्यकर्ता के कहने पर घटना स्थल से सम्बन्धित थाना रामपुर, जौनपुर को लिखित शिकायत करने की सुझाव दिया गया, जिस पर गायब हुए युवक के पिता पौहारी ने लिखित आवेदन पत्र थाना को दिया, लेकिन वहा के दरोगा जी ने लेने से इंकार करते हुए थाना सैद्पुर - गाजीपुर जाने को कहे, जहा का निवासी ईट भट्ठा मालिक है !

निराश परिजनो द्वारा काफी भाग - दौड करने के बाद भी सुनवायी नही होने पर 09 अप्रैल, 2012 को समिति के कार्यालय - वाराणसी आये, जहा से तुरंत पुलिस उप महानिरीक्षक - वाराणसी मण्डल, वाराणसी को टेलीग्राम भेजा गया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग - नई दिल्ली के साथ अन्य सम्बन्धित कार्यालयो / विभागो को लिखित सूचना भेजा गया, मजदूरो से प्राप्त भट्ठा मालिक अरविन्द यादव के मोबाईल न0 - 9455668100 पर समिति के कार्यकर्ता द्वारा बात किया गया, उन्होने जबाब दिया की मै लखनऊ जा रहा हू माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने, हमे नही पता की टिंकू कहा है, पता किजिए कही थाने या पुलिस चौकी मे होंगा !

10 अप्रैल, 2012 को पीडित परिजन ने लगभग 10 बजे सुबह फोन से सुचना दिये की टिंकू को भट्ठा मलिक बन्धक बनाकर रखा है और बेरहमी से मार पीट कर रहा है तथा 5 लाख रूपये की मांग कर रहा है, नही देने पर युवक को जान से मारने की धमकी दिया है, जिससे पीडित के गर्भवती पत्नी की हालत गन्भीर बनी हुई है! इससे पूर्व मे भी दिनांक 20 दिसम्बर, 2011 को जिलाधिकारी - गाजीपुर और श्रमायुक्त वाराणसी मण्डल को हलफनामामय शपथ पत्र पीडित व परिजनो द्वारा ईट - भट्ठा मालिक के उत्पीडन के सन्दर्भ भेजा गया था, कार्यवाही नही हुयी लेकिन उल्टी पीडित मजदूरो के सम्बन्धियो पर मालिक के द्वारा कहर बरपाया जाने लगा! इन सन्दर्भ मे 18 फरवरी, 2012 को सहायक श्रमायुक्त - गाजीपुर और जिलाधिकारी - गाजीपुर को हलफनामामय शपथ पत्र भेजा गया ! फिर भी मालिक द्वारा अत्याचार जारी रहा और प्रशासन मामले मे गम्भीरता नही लिये ! तब फिर पुलिस अधिक्षक - जौनपुर को 02 मार्च, 2012 को पौहारी मुसहर द्वारा आवेदन पत्र भेजा गया !

पुलिस - प्रशासन की अगम्भीरता रही तथा 07 अप्रैल, 2012 को ईट - भट्ठा मालिक तथा जमालापुर पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियो द्वारा टिंकू को जबरदस्ती उठा लिया गया !

उसी सन्दर्भ मे लगभग 11 ए.एम. बजे पर मोबाईल न0 – 9125639299 (बात करने वाला व्यक्ति जिला अध्यक्ष - समाजवादी पार्टी - गाजीपुर बताया ) से समिति के कार्यकर्ता के मोबाईल न0 पर फोन आया की लडका ठीक है, उसे कुछ नही होगा, मै उसे भेजवा रहा हु, गलतफहमी मे यह सब हो गया! जमालापुर पुलिस चौकी के कुछ पुलिस कर्मी परिचित है, इसलिए भट्ठा मालिक को सहयोग कर दिये, लड्का को पुलिस चौकी पर बैठया गया था जिससे उसका पिता हाज़िर हो जाये, शाम तक कोई नही आया इसलिए भट्ठा मालिक उसे भट्ठा पर ले गया! मज़दूरो का मोबाईल न0 सर्विलांस पर है इसलिए हमे जानकारी मिली, हम उसे घर या कार्यालय पहुंचा देते है!

पत्र प्रारूप :

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विषय: अनुसूचित जाति के मुसहर समुदाय के युवक मजदूर को पुलिस के गठजोर से गायब करने के सन्दर्भ में।

पीड़ितों के नाम

1. टिंकू मुसहर, लगभग 20 साल, पुत्र – पौहारी, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
2. पौहारी, 55 साल, पुत्र - प्रसाद मुसहर, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
3. विट्ट्न, 22 साल, पत्नी - मकल्लू मुसहर, ग्राम – पख्खीपुर, थना – बदलापुर, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
4. भरत, पुत्र – विशुनी, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
5. नीलू, पत्नी – भरत, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
6. गुड्डी मुसहर, पत्नी – टिंकू, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!
7 दुर्गावती., पत्नी – पौहारी, ग्राम – जाम, थाना – सिकरारा, जिला – जौनपुर, उत्तर प्रदेश!

प्रिय सर / मैडम,

            हम आपका ध्यान टिंकू पुत्र - पौहारी मुसहर, ग्राम-जाम, थाना-सिकरारा, जिला-जौनपुर (उत्तर प्रदेश) की ओर आकृष्ट कराना चाहूँगा।

           गायब किये गये युवक टिंकू को 07 अप्रैल 2012 को चारपहिया गाडी से ईट भठ्ठा मालिक अरविद यादव व पप्पू यादव,  (एस0बी0एफ0) ट्रेड ईट मार्का, स्थान-पहाड़पुर मुडि़यार, थाना-सैदपुर, जिला-गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) और पुलिस चैकी-जमालपुर के पुलिस कर्मियों द्वारा जबरदस्ती उठा ले गये। घटनास्थल-फजुलहा, थाना-रामपुर, जिला-जौनपुर से उठाया है। इस सन्दर्भ में गायब युवक के पिता पौहारी मुसहर द्वारा थानाध्यक्ष रामपुर को लिखित आवेदन पत्र दिया गया, उन्होने आवेदन पत्र लेने से इन्कार करते हुए सैदपुर थाना, गाजीपुर जाने को कहे। काफी भाग दौड करने के बाद भी युवक का कहीं पता नही चला तब पीडि़त परिजन समिति के कार्यालय में आये और 9 अप्रैल 2012 को पुलिस उपमहानिरीक्षक-वाराणसी मण्डल, वाराणसी को तार से सूचना भी दी गयी। समिति द्वारा 9 अप्रैल 2012 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई-दिल्ली को शाम में फैक्स तथा पंजीकृत डाक द्वारा सूचना दिया गया। साथ ही साथ मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस अधीक्षक जौनपुर, पुलिस अधीक्षक- गाजीपुर, को भी पंजीकृत डाक से सूचना उपलब्ध करायी गयी।

           10 अप्रैल 2012 को पीडि़त परिजन ने फोन से समिति को सूचना दिया है कि टिंकू को भठ्ठा के मालिक द्वारा भठ्ठा पर कैद किया गया है, बेरहमी से मारा-पीटा जा रहा है और 5 लाख रुपये की मांग रखी गयी है, नही पूरा करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जिससे पुरा परिवार सहमा है और गायब हुये युवक की गर्भवती पत्नी गुड्डी की हालात गम्भीर हैं।

           भठ्ठा मालिक के उत्पीड़न के शिकार मुसहर परिवारों ने पूर्व में भी 20 दिसम्बर 2011, को श्रमायुक्त, वाराणसी मण्डल-वाराणसी, जिलाधिकारी-गाजीपुर को हलफनामानमय शपथ-पत्र भेजा था, फिर दूसरे परिजन के द्वारा भी सहायक श्रम आयुक्त-गाजीपुर तथा जिलाधिकारी-गाजीपुर को दिनांक 18 फरवरी 2012 को हलफनामामय शपथ-पत्र भेजा गया था। कार्यवाही नही होने पर पौहारी मुसहर द्वारा पुलिस अधीक्षक, जौनपुर को 02 मार्च 2012 को आवेदन पत्र भेजा, लेकिन किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गयी, उल्टे भठ्ठा मालिक और पुलिस कर्मी 7 अप्रैल 2012 को पौहारी के पुत्र टिंकू को जबरदस्ती उठा ले गये। जिसकी जानकारी अभीतक प्राप्त नही हुयी है की गायब युवक को कहा रखा गया हैं।

           इस सन्दर्भ में जब भठ्ठा मालिक अरविद यादव के मोबाईल फोन न0-9455668100 पर समिति के कार्यकर्ता द्वारा पूछा गया, उन्होंने ने जबाब दिया की उसे पुलिस ने उठाया है, अब वह कहा है, पुलिस ही बता सकती है। 10 अप्रैल 2012 को फिर समिति के कार्यकर्ता के मोबाईल फोन पर जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, गाजीपुर (जैसा की उन्होने पहचान बताया) के मोबाईल-9125639299 से फोन आया की लड़का ठीक है। किसी प्रकार की जबरदस्ती नही की गयी, हमलोग उसे छोड देगें। लेकिन आवेदन पत्र लिखने तक किसी प्रकार की उचित  सूचना प्राप्त नही हुयी है, दूसरी तरफ पीडि़त परिजनो की स्थिति बिगडती जा रही है।

           महोदय, अगर इसी तरह से शासन-प्रशासन दबंग और सांमती लोगों के साथ मिलकर कार्य करेंगे, तब कानून की राज की स्थापना एक कल्याण मात्र ही हैं। समाज के सबसे नीचे पायदान पर जीवन यापन हेतु दर-दर भटक रहे मुसहरो को न्याय नही मिल पर रहा है। दूसरी तरफ ईट-भठ्ठा मानव अधिकार उल्लघंन के उपयुक्त स्थान बन गया है।

           नीरजा चैधरी बनाम मध्य प्रदेश सरकार 1984 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिये निर्णय के अनुसार बन्धुआ मजदूरो प्रणाली में आयुक्त व जिलाधिकारी को हस्तक्षेप कर कार्यवाही सुनिश्चित करने की आदेश है।

           अतः श्रीमान् जी से निवेदन है कि मामले में त्वरित हस्तक्षेप करते हुए टिंकू की जान-माल की सुरक्षा की जाए और सम्बन्धित दोषियों पर कठोर से कठोर कार्यवाही करते हुए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत धारा 3(i)(iii), धारा 3(i)(iv), धारा 3(i)(x), धारा 3(i)(xi), धारा 3(i)(xv), तथा धारा 3(2) और बंधुआ श्रम अधिनियमए 1976 के तहत ईंट भट्ठा मालिक और पुलिस कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही करने की कृपा करें।

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