नयी दिल्ली, 10 फरवरी (एजेंसी) सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह अपनी आयु संबंधी कानूनी लड़ाई आज हार गये, उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि इस मुद्दे पर सरकार का फैसला ही उनके सेवा संबंधी मामलों में लागू होगा। जनरल सिंह को इस वजह से अपनी याचिका वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। शीर्ष न्यायालय ने जनरल सिंह से कहा कि वह अपनी पूर्व प्रतिबद्धता को अस्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने पूर्व में प्रतिबद्धता जतायी थी कि वह अपनी जन्मतिथि को 10 मई 1950 मानने के सरकार के फैसले को स्वीकार करेंगे। न्यायालय ने उनके ''पूर्वाग्रह'' और ''विकृत करने'' के दावों को खारिज कर दिया। तीन घंटे तक चली कार्यवाही में शीर्ष न्यायालय ने राष्ट्र को 38 वर्षों तक दी गयी सेवाओं के लिए उनकी सराहना की। उसने कहा कि उसे जनरल सिंह जैसे ''प्रतिभासंपन्न'' अधिकारी पर गर्व है और वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वह काम करना जारी रखें तथा 13 लाख सैनिकों वाली सेना के प्रमुख के रूप में नेतृत्व करते रहें। न्यायालय ने कहा उनकी जन्मतिथि के बारे में सरकार का निर्णय प्रभावी रहेगा। साथ ही उसने सेवा रिकार्ड में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया जिसमें उनकी जन्मतिथि 10 मई 1950 दर्ज है। इसके चलते जनरल सिंह को अब इस साल 31 मई को सेवानिवृत्त होना पड़ेगा। |
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